संक्षेप में जवाब
अक्तूबर के कानूनी एजेंडे में आपदा सुरक्षा पर प्रस्तावित सम्मेलन है। बाध्यकारी संधि की बातचीत 2027 के लिए निर्धारित है, अभी पूरी नहीं हुई।
लंबी संधि प्रक्रिया में अक्तूबर का चरण
यूएन महासभा की कानूनी छठी समिति 5 अक्तूबर से 20 नवंबर तक मिलने वाली है। उसके अस्थायी कार्य कार्यक्रम में 12 अक्तूबर को आपदाओं में लोगों की सुरक्षा के लिए भविष्य के सम्मेलन का विषय है। यह तैयारी पर चर्चा है, सम्मेलन स्वयं नहीं। यूएन ने मुख्य कूटनीतिक वार्ता 25 जनवरी से 12 फरवरी 2027 के लिए तय की है, आगे एक अतिरिक्त अवधि भी संभव है। अक्तूबर की चर्चा अभी हुई नहीं है।
प्रस्तावित संधि की जरूरत
महासभा ने अंतरराष्ट्रीय विधि आयोग के मसौदा अनुच्छेदों के आधार पर 2027 के अंत तक बाध्यकारी दस्तावेज बनाने का लक्ष्य रखा है। अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस महासंघ का तर्क है कि तैयारी और राहत की स्पष्ट जिम्मेदारियाँ जोखिम में लोगों की बेहतर रक्षा कर सकती हैं। यह मानवीय संस्था का मत है, सभी देशों की हर धारा पर सहमति नहीं। आगे जिम्मेदारी, सहमति और बाहरी सहायता की शर्तें तय करनी होंगी।
एजेंडा पारित संधि नहीं होता
यूएन ने कहा है कि 2027 सम्मेलन का स्थान फिर तय किया जा रहा है और पहले सोची गई मनीला की जगह नहीं रहेगा। अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति ने मसौदे और मानवीय कानून के संबंध पर सुझाव दिए हैं। इससे पता चलता है कि कुछ भाषा अभी खुली है। समिति का भाषण, सम्मेलन की प्रक्रिया और लागू संधि तीन अलग स्तर के परिणाम हैं।
आगे किन दस्तावेजों को देखें
समिति की बैठक के बाद तय प्रक्रियात्मक पाठ, नए स्थल की पुष्टि और वार्ताकारों को भेजे मसौदे की जाँच करनी चाहिए। असली सुरक्षा के लिए स्पष्ट जिम्मेदारियाँ और प्रभावित लोगों के अधिकारों का सम्मान करते हुए सीमा-पार मदद जरूरी होगी। अक्तूबर 2027 की बातचीत की तैयारी कर सकता है; पाठ पर वार्ता और स्वीकृति से पहले नई संधि घोषित नहीं की जा सकती।
सवाल और जवाब
क्या यह संधि अभी लागू है?
नहीं। बाध्यकारी पाठ की बातचीत के लिए 2027 में सम्मेलन प्रस्तावित है; अक्तूबर की समिति चर्चा तैयारी है।
क्या 2027 का सम्मेलन मनीला में होगा?
यूएन के अनुसार पहले की मनीला योजना अब लागू नहीं है और नया स्थान विचाराधीन है।
